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Tuesday, October 21, 2014

प्रकाश पर्व दीपावली

भारत त्योहारों और मेलों की धरती है. उनमें से सबसे मशहूर और सब्से बड़ा त्योहार दीवाली माना जाता है. दीवाली उजाले का त्योहार है जो हर साल पूरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है. दीवाली कार्तिक के महीने में आती है और अक्टूबेर या नवेंबर में मनाया है. इसे दीपावली भी कहा जाता. ये त्योहार हिंदुओं का त्योहार है लेकिन पूरे देश के लोग इसे जोश से मनाते हैं.

त्योहारों का त्योहार, दीवाली उस समय को दर्शाता है जब भगवान राम एक राक्षस राजा, रावण पर विजय पा कर १४ साल के वनवास के बाद अपनी पत्नी सीता और अपने भाई, लक्ष्मण के साथ अपनी धरती, अपने घर, अयोध्या लौटे थे. अयोध्या के लोगों ने उनका आगमन चारों तरफ दिए जला कर और पूजा करके किया गया था. तभी से ये त्योहार हर साल उस खुशी को जताने के लिए मनाया जाता है.

सच्चाई की झूठ पर विजय को एक और त्योहार, दुस्शेरा के नाम से मनाया जाता है जो दीवाली से २० दिन पहले आता है.

लोग अपने घरों और दुकानों की सफाई और सफेदी दीवाली से कई दिन पहले ही शुरू कर देते हैं क्यूंकी कहा जाता है कि लक्ष्मी जी सॉफ सुथरे घर में ही प्रवेश करती हैं. लोग अपने घरों को दियों से, मोमबत्तियों ए और अन्य अजवट के चीज़ों से घर सजाते हैं. घरों की औरतें रंगोली बनाती हैं.

बच्चे और बड़े नये कपड़े पहनते है और घर में केक और मिठाइयाँ बनाई जाती हैं. सभी एक दूसरे को मिठाइयाँ और तोहफे देते हैं. इस दिन शाम को लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है. गणेश जी को भी पूजा जाता है. रात को आतिशबाज़ी और पताके फोड़े जाते हैं. लोग इस दिन को कोई भी नये काम करने का शुभ दिन मानते हैं.

फायदे :
  • घरों की सॉफ सफाई और सफेदी की जाती है.
  • इससे दोस्तों और रिश्तेदारों में भाईचारा बढ़ता है.
  • सब छ्होटे बड़े इस दिन को हर्षोल्लास से मनाते हैं.
  • बारिश के बाद जो कीड़े मकोडे पैदा होते हैं, उन्हे इस दिन सरसों के तेल को साड कर मारा जाता है और वातावरण को शूध किया जाता है.
सोर्स: केबी

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