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Monday, October 19, 2015

Bihar polls: Villagers of Bisfi reflect how wounds that should have healed long ago reopen during every election

Once the road from Darbhanga turns right at a place called Zero Mile, the 8-km journey through Bisfi constituency begins. The narrow, paved road passes through tiny hamlets, where villagers sit playing cards in front of teashops run from little sheds. All around are vast swathes of paddy fields.
For centuries, Hindus and Muslims have lived here side by side and, villagers say, never felt the difference. Until 10 years ago, when a quarrel over a Hindu procession taking water for a Bhairav temple in Bherwa village led to a flare-up. Each election, this issue reopens like an old wound.
“Galti dounoun ki thi (mistakes happened on both sides),” said Mahavir Yadav of Bisfi village. “There wasn’t a jal charwaha (offering of water) tradition earlier. That year, the boys in the procession got up to some mischief, leading to a fight. The Muslim boys living around the temple too were hot-headed.”
The matter should have been forgotten but wasn’t, he said. “Bachool )Haribhushan) Thakur became a leader after he led the Hindus in taking water to the temple. He won the election.” Thakur, of the Bhumihar community that is small here, won as an independent in February as well as October 2005.
“Hindus and Muslims used to eat out of one another’s hand. There is a qabristan next to the temple and we provided the land for the road to the temple,” said Qamar Zaman, former mukhia of Bherwa. “The government didn’t want to resolve the problem. Instead they would send hundreds of policemen who stayed in our village for a month. The offering of water would happen every Monday for a month during sawan.”
Zaman said there was an attempt to raise communal passions again during the 2010 polls but “people didn’t listen… Bachool lost to Dr Fayaz Ahmad of the RJD”. After the JD(U)-BJP formed the government, he said, “Bachool joined the JD(U)”.
Bachool is contesting again as an independent against Dr Fayaz. “Bachool was close to the BJP but the seat went to Upendra Kushwaha’s party (candidate Manoj Yadav),” Ram Nandan Yadav said. “They hope to divide the Yadav vote. If that happens, Bachool may win again. Everybody knows he will join the BJP. Bachoolay ka hawa lagta hai (looks like the wind is blowing Bachool’s way).”
“There is no hawa,” Mahavir Yadav argued. “Muslims and Yadavs form most of the population and they will vote for Laluji. Nobody will fall for sampradayikta this time.”
They are chatting on the steps of Samudhayak Bhawan, a raised concrete pavilion in the village centre. Some are playing cards on the concrete floors; they pause the game and join the discussion. “As in 2010, we will again vote for vikas. We will vote for Nitish,” said Ashok Paswan. “A lot has happened here since Nitish took over. We have regular electricity, an ITI, pani ki tanki ban gayi and now there is enough drinking water. We got a new school, up to intermediate.”
Shivji Paswan, a retired peon, said what needs immediate attention is irrigation. “We grow paddy and that needs water. This year there has been very little rain, so we didn’t plant paddy and plan to grow masoor.”
Santosh Mahato said, “Kamla nadi (a stream) runs through Bisfi. We cannot use its water because there is no arrangement. When it brings floods, our fields are submerged for months. If there is no flood, the situation is like a drought.” He said villagers expect the government to make a plan for irrigation. “Only Nitish can do that,” he said.
Sudhir Kumar Yadav disagreed. “These villagers keep on saying Lalu, Lalu. If they really wanted to vote for Nitish, why didn’t they do so in 2010?” he said. “The Muslims are united; only our vote is divided. We should vote together for Bachool and ensure he wins.” He said he has never voted for a Muslim since that communal flare-up.
Dilchand Sada, a Musahar, said he voted for the BJP in the Lok Sabha polls, expecting a lot of Modi. “Modi ne chakka mara. Bola to bohut kuch, kiya kuch nahin (Modi hit a six, promised a lot, did nothing),” he said.
“Where is the black money he promised to put in our bank accounts?” said Ashok Paswan. “They are all talk, no action. We have tried Nitish and he has been good. We need not experiment”.
Ram Sanjivan Yadav, however, said that because Lalu has joined Nitish, development will stop. “Laluji doesn’t care for anybody but his family,’’ he said. “I don’t dispute that Lalu did a lot for poor and pichda. Diya sahi, cheen bhi liya wahi (he did give a lot but it was he again who snatched it).” An argument followed among the Yadavs.
A few miles ahead, in Bherwa and Dhamla, the conversation was again on the fear of a communal flare-up. The offering of water happens here. “The election here is different from everywhere else. Each time, there is an attempt to turn everything communal,” said Mohammad Ali. “This time, we are trying not to let that old wound hurt again. We wish there is an amicable solution to settle this problem once and for all.”
Source: IE

Sunday, August 2, 2015

जलाभिषेक को ले भैरवा में रहेगी चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर

बिस्फी प्रखण्ड के भैरवा में 3 अगस्त से होने वाले उगना महादेव पर जलाभिषेक शांतिपूर्ण व सामाजिक सदभाव के साथ संपन्न कराने को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। चप्पे- चप्पे में पुलिस बल के जवान को तैनात कर सुरक्षा की तगड़ी व्यवस्था की गई है। बेनीपट्टी के अनुमंडल पदाधिकारी राजेश मीणा तथा डीएसपी राजेश ¨सह प्रभाकर ने बताया कि बिस्फी के भैरवा स्थित उगना महादेव के जलाभिषेक को लेकर सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम किया गया है। कांवरियों के सुविधाओं के लिए बलहा घाट पर चे¨न्जग रूम, शौचालय, पेयजल, रोशनी की व्यवस्था की गई है। धूप को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेरेके¨टग की गई है। कई स्थानों पर छांव की व्यवस्था, मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। जलाभिषेक को लेकर असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए आधे दर्जन स्थानों पर वाच टावर लगाया गया है। एक हजार से अधिक पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। 150 से अधिक दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल के जवान पेट्रो¨लग करेंगे। एसडीएम व डीएसपी ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए दो दर्जन अपराधकर्मियों को चिन्हित कर सीसी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। वैसे अपराधियों को जिला बदर करने की तैयारी शुरू की दी गई है। वाच टावरों से खुफिया कैमरे के माध्यम से आने व जाने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। बलहा घाट से भैरवा स्थान तक एक सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भीड़ नियंत्रण करने के लिए साउन्ड सीस्टम की व्यवस्था चार दर्जन स्थानों पर की गई है। एक दर्जन स्थानों पर चेक पोस्ट तथा आधे दर्जन स्थानों पर मेटल डिडेक्टर लगाया गया है। असामाजिक तत्वों पर प्रशासन कड़ी नजर रख रही है जबकि मेले में डीजे ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दारू शराब पीकर आने वाले असामाजिक तत्वों को पहचान करने के लिए ब्रेथ एनालाईजर की व्यवस्था की गई है। आगामी चुनाव को लेकर प्रशासन किसी भी गड़बड़ी की आशंका को ध्यान में रख जलाभिषेक शांतिपूर्ण व सामाजिक सदभाव के साथ कराए जाने को लेकर सुरक्षा की पुख्ता इंतजाम किया है। तीन दर्जन संवेदनशील स्थानों पर प्रशासन कड़ी नजर रख रही है। श्रद्धालुओं को सहयोग पहुंचाने में बढ़-चढ़कर काम करेगी। सादे लिवास तथा बोलबम के ड्रेस पहन कर पुलिस एवं महिला पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। एसडीएम श्री मीणा ने आम जनता व मीडिया कर्मियों से इस कार्यों में सहयोग किए जाने की अपील की है। जबकि सामाजिक सदभाव को बिगाड़ने व शांति भंग के प्रयास करने वालों की संपत्ति जब्त कर लिया जाएगा। बैठक में डीसीएलआर अमरेन्द्र कुमार पंकज, बिस्फी के बीडीओ मनोज कुमार, सीओ, थानाध्यक्ष रामशंकर पासवान, अनि संजय कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।

Source: Jagran

Monday, July 27, 2015

भैरवा में सीसीटीवी कैमरों की जद में होगा जलाभिषेक

बिस्फी प्रखण्ड के भैरवा गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांति पूर्ण रूप से उगना महादेव का जलाभिषेक संपन्न कराया जाएगा। एक हजार पुलिस बल के जवान तैनात किए जाएंगे। 150 मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल के जवान लगाए जाएंगे। यह जानकारी देते हुए बेनीपट्टी के एसडीएम राजेश मीणा तथा डीएसपी राजेश ¨सह प्रभाकर ने बताया कि भैरवा जलाभिषेक को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सामाजिक सदभाव को बिगाड़ने वाले एवं कानून व्यवस्था के बीच बाधा उत्पन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
3 अगस्त से भैरवा में उगना महादेव पर जलाभिषेक को लेकर सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की जाएगी। 60 संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल तैनात रहेंगे। एसडीएम ने बताया कि बिस्फी प्रखण्ड में प्रवेश करने वाले विभिन्न स्थानों पर 15 चेक पोस्ट बनाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त खुफिया ऐजेन्सी की टीम भी सक्रिय रहेगी। 100 से अधिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे होंगे। एक दर्जन स्थानों पर मेटल डिटेक्टर स्थापित होंगे। पुलिस को सादे लिवास में भी रखा जाएगा। मंदिर में जाने के लिए महिला एवं पुरूषों के लिए अलग- अलग द्वार की व्यवस्था होगी। कावरियों के लिए आने वाले रूट चाट का अवलोकन कर लिया गया है।

Source: Jagran

Thursday, November 6, 2014

विद्यापति की जन्मस्थली को पर्यटक स्थल के रूप में मान्यता दिलाना लक्ष्य

बीते बुधवार के देर रात तक युवा संघ द्वारा आयोजित मिथिला विभूति स्मृति पर्व समारोह में कवि गोष्ठी एवं सास्कृतिक कार्यक्रम आयोजित की गई। अध्यक्षता अवकाशप्राप्त अधीक्षण अभियंता पन्ना लाल राय ने की। कार्यक्रम का प्रारंभ पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने विद्यापति के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर किया। अपने उद्घाटन भाषण में पूर्व विधायक श्री बचौल ने कहा कि विद्यापति की जन्मस्थली को पर्यटक स्थल के रूप में मान्यता दिलाना उनका लक्ष्य है। वे यहां तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लाकर यहां की सारी स्थिति से अवगत करा चुके हैं। वर्तमान में विद्यापति स्थली से बैंगरा कोठी तक की सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति मिल गई है। मुख्य अतिथि पद से बोलते हुए बीडीओ मनोज कुमार राय ने कहा कि कवि कोकिल विद्यापति हमारी संस्कृति के आदर्श पुरुष थे। मिथिला की संस्कृति की उन्नति के बिना राष्ट्र का विकास संभव नहीं है। अवकाशप्राप्त शिक्षक शिवशंकर राय ने विद्यापति के विकास में श्री बचौल की सराहना की। संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार ने आगंतुक अतिथियों को पाग व चादर भेंट कर सम्मानित किया। समारोह को सुशीला देवी, शालीग्राम यादव, उमेश राय, रामचन्द्र महतो, कैलाश कुमार धर्मवीर आदि ने भी संबोधित किया। मंच संचालन चन्देश्वर प्रसाद चन्देश ने किया।

Source: Jagran

Tuesday, November 4, 2014

मिथिला का हर व्यक्ति मैथिल : पप्पू

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कवि विद्यापति जात-पात से उठकर समाज का कल्याण किया। मिथिला में रहने वाले हर व्यक्ति मैथिल हैं। मैथिली हम सबकी भाषा है। उन्होंने उपस्थित जनों को सलाह दी कि महज विद्यापति पर्व का आयोजन से समाज का कल्याण नहीं हो सकता। वे जिस तरह अपने विचारों के प्रति निष्ठावान थे हमें भी बनना होगा। उन्होंने अपनी भक्ति से गंगा की धारा को मुड़ने पर बाध्य कर दिया। हम भी यदि अपने विचारों के प्रति संकल्पित होकर समाज से जात-पात, छुआछूत एवं गलत भोजन का परित्याग करें तो एक नए समाज का कल्याण होगा। ऐसी हालत में जातपात जैसी बीमारी स्वत: समाप्त हो जाएगी।
प्रखंड मुख्यालय के समीप विद्यापति स्मारक परिसर में मंगलवार को विद्यापति स्मृति समारोह का उद्घाटन सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय विधायक डा. फैयाज अहमद ने की। सर्वप्रथम सांसद पप्पू यादव ने विद्यापति की प्रस्तर मूर्ति पर माल्यार्पण किया। कुमारी बबीता द्वारा गोसाउनिक गीत से प्रारंभ हुआ। अपने भाषण में सांसद पप्पू यादव ने कहा कि यह बिस्फी धन्य है। यहां विद्यापति जैसा समाज सुधारक जन्म लेकर पूरे देश को सुगंधित किया। उन्होंने अपने समय में समाज की अव्यवस्था, कुप्रथा को देखा था। जिसे उन्होंने अपनी रचना के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया। श्री यादव ने समाज व्याप्त बुराइयों की ओर इंगित करते हुए युवा शक्ति को संगठित होकर नए समाज की रचना में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने का आह्वान किया। आगंतुकों को धर्मवीर, विष्णुदेव यादव, विजय कुमार, उमेश राय, कैलाश कुमार, सूर्य नारायण आदि ने पाग-दोपंटा से सम्मानित किया। कार्यक्रम को विधायक उमाकांत यादव, रामअवतार पासवान, शालीग्राम यादव, विष्णुदेव यादव, सुनीता देवी, अजीत कुमार यादव, शीला देवी, राजकुमार यादव, उमेश कुमार यादव, मो. जियाउद्दीन आदि ने संबोधित किया। मंच संचालन चन्द्रेश प्रसाद ने किया।
Source: Jagran